Monday, September 28, 2026
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ऑडियोलॉजी से लेकर टेक्नोलॉजी तक, विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा ‘HEAR INDIA’

नई दिल्ली: भारत में हियरिंग-केयर क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों और संस्थाओं के बीच सहयोग तथा ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘HEAR INDIA – इंडियाज़ हियरिंग केयर एंड इनोवेशन समिट’ की शुरुआत की गई है। इस पहल को प्रायोरिटी हियरिंग के फाउंडर डॉ. राज शर्मा और को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल ने शुरू किया है।

HEAR INDIA को एक वार्षिक राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित करने की योजना है, जो ऑडियोलॉजी, ENT, हेल्थकेयर, रिसर्च, हियरिंग टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े लोगों को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास करेगा।

अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच संवाद

हियरिंग-केयर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ रिसर्च, तकनीक और रिहैबिलिटेशन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। HEAR INDIA के जरिए इन अलग-अलग क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स के बीच संवाद और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।

प्लेटफॉर्म पर चिकित्सकों और ऑडियोलॉजी विशेषज्ञों के साथ रिसर्चर्स, हेल्थकेयर लीडर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों और युवा प्रोफेशनल्स को भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

शुरुआती पहचान से लेकर रिहैबिलिटेशन तक

HEAR INDIA के प्रमुख विषयों में Prevention & Early Diagnosis और Accessibility & Rehabilitation शामिल हैं।

पहल के तहत बच्चों और वयस्कों में सुनने की समस्या की समय पर पहचान के महत्व पर चर्चा के साथ-साथ हियरिंग-केयर सेवाओं और रिहैबिलिटेशन को अधिक सुलभ बनाने से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श को बढ़ावा दिया जाएगा।

नई तकनीकों और रिसर्च पर भी नजर

हियरिंग-केयर में तकनीकी विकास लगातार नए अवसर पैदा कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए HEAR INDIA में Emerging Technologies और इनोवेशन से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता देने की योजना है।

किफायती और आधुनिक तकनीकों के विकास तथा उनके संभावित उपयोग पर विशेषज्ञों के बीच विचारों के आदान-प्रदान के लिए यह मंच उपयोगी हो सकता है।

डॉ. राज शर्मा ने भारत की विशेषज्ञता को बताया महत्वपूर्ण

HEAR INDIA के फाउंडर डॉ. राज शर्मा ने भारत की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा, “भारत के पास बेहतरीन क्लिनिकल टैलेंट, तकनीक और इनोवेशन की क्षमता है। हम केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि भारत से पूरी दुनिया के लिए हियरिंग-केयर सॉल्यूशंस तैयार कर सकते हैं।”

उन्होंने भारत में उपलब्ध क्लिनिकल और तकनीकी क्षमता को हियरिंग-केयर के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने के अवसर से जोड़ा।

डॉ. मणी बंसल ने मरीजों को केंद्र में रखने की बात कही

HEAR INDIA की को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल ने तकनीक के साथ मरीज-केंद्रित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “तकनीक में कितनी भी प्रगति हो जाए, लेकिन बीमारी की समय पर पहचान, सही क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीजों की सहानुभूतिपूर्वक देखभाल ही हमेशा इलाज के केंद्र में रहनी चाहिए।”

उनका जोर हियरिंग-केयर में तकनीकी प्रगति के साथ सही क्लिनिकल मार्गदर्शन और संवेदनशील मरीज देखभाल के महत्व पर है।

People, Practice, Progress और Possibilities

HEAR INDIA की अवधारणा People, Practice, Progress और Possibilities के चार मूल सिद्धांतों पर आधारित है। इन सिद्धांतों के जरिए क्षेत्र से जुड़े लोगों को जोड़ने, प्रैक्टिस और ज्ञान साझा करने, नई प्रगति पर चर्चा करने और भविष्य की संभावनाओं को तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, HEAR INDIA का लक्ष्य सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस आयोजित करना नहीं, बल्कि हियरिंग हेल्थ से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने वाला राष्ट्रीय मंच तैयार करना है।

इस पहल के माध्यम से बेहतर सुनने, बेहतर संवाद और बेहतर जीवन से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने तथा भारत के हियरिंग-केयर इकोसिस्टम में विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।

 

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