Wednesday, March 25, 2026
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AI और टेलीकॉम में मचाएंगे तहलका, बाहुबली कंपनियों ने बनाया 1 लाख करोड़ का प्लान


उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के दूरसंचार ऑपरेटर अगले दो-तीन वर्षों में नेटवर्क विस्तार से हटकर कंप्यूटिंग-इंटेंसिव डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर रुख करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस डेटा सेंटर, एज इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड फंक्शंस में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं. उनका टारगेट वेंचर रेवेन्यू ग्रोथ को कुल रेवेन्यू के 40 फीसदी तक पहुंचाना है |

डेलॉइट इंडिया के पार्टनर आदित्य खैतान ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2027 के निवेश बजट का 20-30 फीसदी एआई डेटा सेंटर, एज इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड फंक्शंस के निर्माण की ओर ट्रांसफर होने की उम्मीद है | उन्होंने आगे कहा कि यह बदलाव टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच अलग-अलग होगा. टॉप की दो टेलीकॉम कंपनियों की ओर से ज्यादा देखने को मिलेगा जो अपने 5G इंवेस्टमेंट पर कैपेक्स के पीक साइकिल को पार कर चुकी हैं |

एक लाख करोड़ रुपए का निवेश

यह बदलाव भारतीय टेलीकॉम कंपपियों के रेवेन्यू की दिशा बदल सकता है. वर्तमान में, इन कंपनियों के कुल रेवेन्यू का 15-30 फीसदी वेंचर रेवेन्यू से आता है. खैतान ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) प्लेटफॉर्म और एआई-बेस्ड सॉल्यूशंस सहित ट्रेडिशनल कनेक्टिविटी से अलग सर्विसेज से प्रेरित होकर, कुल रेवेन्यू में बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) सर्विसेज का योगदान 30-40 फीसदी तक बढ़ सकता है| अल्वारेज एंड मार्सल इंडिया की एमडी शिल्पा मलाईया सिंघाई ने ईटी की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने अगले दो-तीन वर्षों में एआई-सेंट्रिक डेटा सेंटर्स के लिए 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है |

एयरटेल और जियो का फोकस

2024 के अंत में, भारती एयरटेल ने अपने एनएक्सट्रा की क्षमता को 240 मेगावाट से बढ़ाकर 400 मेगावाट करने के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना की घोषणा की. सिंघाई ने कहा कि भारत के दो प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटरों ने गीगावाट क्षमता वाले एआई-सेंट्रिक डेटा सेंटर्स में रणनीतिक निवेश किया है, जिससे देश के मौजूदा डिजिटल इंफ्रा में संभावित रूप से 4-5 गीगावाट की भारी वृद्धि होगी. इन निवेशों में विशाखापत्तनम में लगभग 1 गीगावॉट के एआई हब के लिए भारती एयरटेल-गूगल की साझेदारी शामिल है, जबकि जियो जामनगर में लगभग 3 गीगावॉट का दारा सेंटर स्थापित करने की योजना बना रहा है |

सिंघई ने कहा कि जियो एक फुल-स्टैक एआई फैक्ट्री और प्लेटफॉर्म मॉनेटाइजेशन के दृष्टिकोण से इस अवसर का लाभ उठा रहा है, जिसमें डेटा सेंटर्स को अपने ब्रॉडर एआई इकोसिस्टम के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है, जबकि एयरटेल अपने एनएक्सट्रा डेटा सेंटर के विस्तार को जारी रखते हुए अपने एंटरप्राइज पोर्टफोलियो को और अधिक डीपर सॉवरेन क्लाउड और एंटरप्राइज एआई सर्विसेज के साथ विस्तारित कर रहा है |

फोकस हुआ शिफ्ट

प्रारुह टेक्नोलॉजीज के सीटीओ अमरदीप शर्मा ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि इस कदम को “कनेक्टिविटी-सेंट्रिक” इंफ्रा से “कंप्यूट और डेटा-सेंट्रिक” इंफ्रा की ओर बदलाव बताया. उन्होंने कहा कि भारत में 5जी रोलआउट का मेन फेज पहले ही पूरा हो चुका है, और टेलीकॉम कैपेक्स स्पष्ट रूप से केवल कनेक्टिविटी निवेश से हटकर एआई, क्लाउड और डेटा सेंटर इंफ्रा की ओर बढ़ रहा है | कॉस्ट सेविंग के बारे में सिंघई ने कहा कि ऑपरेशनल खर्चों को कम करने पर केंद्रित एआई तैनाती से अगले 18-24 महीनों में लाभ मिलना शुरू हो जाएगा |

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