Friday, March 27, 2026
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रिलायंस FMCG बिजनेस में करेगा धमाल, टाटा और MTR को कड़ी टक्कर


देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस अब फूड और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के कारोबार में अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में है | कंपनी की कंज्यूमर प्रोडक्ट्स यूनिट रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) दक्षिण भारत की जानी-मानी फूड कंपनी उदययम्स एग्रो फूड्स में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है. अगर यह डील पूरी होती है, तो रिलायंस सीधे तौर पर टाटा कंज्यूमर, iD फ्रेश और MTR जैसे बड़े ब्रांड्स को चुनौती देगी |

क्या करती है उदययम्स एग्रो फूड्स?

उदययम्स एग्रो फूड्स एक जानी-पहचानी फूड कंपनी है, जो स्टेपल फूड, स्नैक्स और रेडी-टू-कुक ब्रेकफास्ट मिक्स बनाती है. कंपनी का कारोबार करीब 668 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है. इसके प्रोडक्ट्स खासतौर पर दक्षिण भारत के बाजार में लोकप्रिय हैं और माना जा रहा है कि यही रीजनल ताकत रिलायंस को आकर्षित कर रही है |

कैसी हो सकती है यह डील?

 रिपोर्ट में बताया गया कि इस डील से जुड़े लोगों के मुताबिक, रिलायंस उदययम्स में मेजोरिटी स्टेक खरीद सकती है. हालांकि डील की रकम सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मिड-साइज एक्विजिशन होगा. रिलायंस पहले भी कैंपा कोला और वेलवेट जैसे ब्रांड्स के साथ यही रणनीति अपना चुकी है, पहले रीजनल बाजार में पकड़ बनाना और फिर पूरे देश में ब्रांड को फैलाना |

प्रमोटर्स की भूमिका क्या रहेगी?

जानकारी के मुताबिक, उदययम्स के प्रमोटर्स एस सुधाकर और एस दिनाकर कंपनी में अपनी माइनॉरिटी हिस्सेदारी बनाए रख सकते हैं. यानी कंपनी का ऑपरेशन और पहचान बनी रहेगी, लेकिन रिलायंस की ताकत से इसे बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा | यह मॉडल आजकल कई बड़ी कंपनियां अपना रही हैं |

क्यों FMCG पर फोकस कर रही है रिलायंस?

हाल ही में रिलायंस ने अपने FMCG बिजनेस को एक नई कंपनी, न्यू RCPL, के तहत शिफ्ट किया है. इसका मकसद पैकेज्ड फूड, बेवरेज, पर्सनल केयर और ब्यूटी सेगमेंट पर पूरा फोकस करना है | कैंपा ड्रिंक्स, फूड ब्रांड्स, पर्सनल केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बाद अब ब्रेकफास्ट और रेडी-टू-कुक सेगमेंट रिलायंस की अगली बड़ी चाल मानी जा रही है |

छोटे ब्रांड्स पर बड़ी कंपनियों की नजर क्यों?

कंज्यूमर सेक्टर में तेजी से बदलते ट्रेंड्स ने बड़े ब्रांड्स की चिंता बढ़ा दी है. लोकल और डिजिटल-फर्स्ट कंपनियां सस्ते दाम, क्विक डिलीवरी और सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाकर मुकाबला कर रही हैं | इसी वजह से बड़ी कंपनियां अब छोटे लेकिन मजबूत ब्रांड्स को खरीदने या उनमें निवेश करने पर जोर दे रही हैं |

फूड सेक्टर में आगे क्या?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का पैकेज्ड फूड मार्केट आने वाले सालों में तेजी से बढ़ने वाला है. शहरीकरण, कामकाजी जीवनशैली और रेडी-टू-कुक खाने की बढ़ती मांग इस सेक्टर को आगे ले जा रही है | ऐसे में रिलायंस की यह संभावित डील उसके लॉन्ग टर्म प्लान का अहम हिस्सा मानी जा रही है |

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